MAHAVEER SWARNKAR
Monday, 8 August 2016
Sunday, 31 July 2016
मच्छर चालीस / मच्छर महिमा
मच्छर चालीसा और मच्छर महिमा
जय मच्छर बलवान उजागर, जय अगणित रोगों के सागर ।
कूड़ै करकट में निवास तुम्हारा,गंदगी में आवागमन तुम्हारा।
गुप्त रूप घर तुम आ जाते, सब जगह तुम गंदकी फैलाते ।
पहले मधुर मधुर खुजलाहट लाते, जिसका खाते उसे ही रोग दे जाते ।
हो मलेरिया,डेंगू के तुम दाता, खटमल भी तुम्हारे बाद आता ।
सभी जगह तुम आ जाते, बिना इजाजत के घुस जाते ।
कोई जगह न ऐसी छोड़ी, जहां रिश्तेदारी न जोड़ी-तोड़ी।
जनता तुम्हें खूब पहचाने, नगर पालिका भी तूमको माने ।
भेद भाव नहीं तुमको भावे, प्रेम तुम्हारा हिन्दू मुस्लिम सब पावै ।
रूप कुरूप न तुमने जाना, छोटा बड़ा न तुमने माना ।
जिस घर में तुम आते, दुःख देते सब सुख हर लेते ।
भिन्न भिन्न जब राग सुनाते, ढोलक पेटी तक शर्माते ।
करते हो निरंतर मच्छर क्रीड़ा, पाते हो सदा दुःख और पीड़ा,
जो मच्छर ने घर में गुसाये , होय दुःखी-रोग सदा निश्चित पाये।
जिन लोगन विस्वास न आये इन माचर् ने अपने घर जरूर गुसाये
Sunday, 26 June 2016
योग ने भारत को पहचान दिलाई
योग ने भारत को पहचान दिलाई,
विस्व गुरु भारत की एक ऒर प्रतिभा सभी मानुस के काम आई
विश्व ने माना योग का लोहा ,
योग ने दुनिया का मन मोहा,
अफसर हो या चपरासी,
चाहे कितनी आपाधापी,
उठी प्रेम से सबकी नज़र,
योग ने किया बेहतरीन सफर,
आसन हो या प्राणायाम,
कूदते फांदते करते व्यायाम,
सड़क पे उतरी सरकार,
“स्वस्थ विश्व “सपना होता साकार ,
योग दिया भारत को पहचान,
गौरव बढा मिला सम्मान,
बड़ी उपलब्धि मिली है हमको,
कामना;स्वस्थ शरीर मिले सब को,
अमर रहे ये योग दिवस,
विश्व को उत्तम दे भारत बस,
विरोध ,बखेरा छोछि राजनीति,
न बदले इससे देश की नीति,
नियम योग से चला इन्सान,
फ्री मे पाया सोने कि खान,
बीमारी गायब तनाब मुक्त,
मुस्काहट से चेह्रा (रहे) युक्त,
सिगरेट सी टागैं सूधरी ठीक,
योगसे होते सारे ठीक,
दुनिया का आभार व्यक्त,
सभी बने स्वस्थ सशक्त,
सदियों से भारत की पहचान
विश्व बन्धुत्व हमारी जान,
सब देश कहते हमें धन्यबाद की पात्र,
और हम कहते हे ये तो हे शुरुआत मात्र I
Tuesday, 24 May 2016
ब्रेड मे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल जो केंसर का कारण होते है
रिसर्च में सामने आया ब्रेड मे खतरनाक केमिकल्स (पोटाशियम ब्रोमेट और पोटैशियम आयोडेट) के इस्तेमाल की सच्चाईैं जो केंसर का कारण होते है
*सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट की एक स्टडी में यही खतरनाक सच सामने आया है.
*ब्रेड को खतरनाक बनाते हैं ये केमिकल्स, 10 बोरी मैदा में आधी चुटकी भी जानलेवा
*ब्रेड को आकर्षक बनाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल
कंपनियां ब्रेड बनाने वाले आटे में इन केमिकल्स को इसलिए मिलाती है, क्योंकि इससे ब्रेड सफेद और मुलायम होता है. साथ ही बेहतर ढंग से फूलता है.
*पैकेट पर नहीं लिखी जाती है इसकी जानकारी हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर कंपनियां ब्रेड के पैकेट पर यह लिखती तक नहीं है कि वह अपने ब्रेड में पोटाशियम ब्रोमेट और पोटासियम आयोडेट का इस्तेमाल करती हैं.
*जब कि 1992 मैं JECFA (WHO/FAO Joint Expert Committee on Food Additives) व 1999 में the International Agency for Research on Cancer (IARC) ने Potassium Bromate को किडनी थाइरोड और पेट के कैन्सर का कारण बता चुकी है।
*यह केमिकल्स दुनिया के तमाम देशों में ब्रेड और बेकरीकी दूसरी चीज बनाने में इन केमिकल्स के इस्तेमाल पर पहले ही बैन लग चुका है.यूरोपियन यूनियन(1990), अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, चीन(2005), श्रीलंका(2001), ब्राजील, नाइजीरिया, पेरू और कोलंबिया तमाम वह देश है जहां पर इन केमिकल्स के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है. हैरानी की बात है कि भारत में खाने-पीने की चीजों पर निगरानी रखने वाली संस्था FSSAI इस मामले में अभी तकआंखें मूंद रखी हैं.
*ब्रेड खाने से कैंसर और थायराइड का खतरा
ब्रेड के बारे में स्टडी में मुख्य भूमिका निभाने वाले सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट के चंद्रभूषण कहते हैं कि एक नहीं बल्कि तमाम रिसर्च यह साबित हो चुका है कि पोटैशियम ब्रोमेट पेट के कैंसर और किडनी की पथरी जैसी बीमारियों से जुड़ा हुआ है. इसी तरह से ब्रेड में पोटाशियम आयोडेट होने से शरीर में जरूरत से ज्यादा आयोडीन चला जाता है.नजरअंदाज नहीं कर सकने लायक खतरे नतीजा यह होता है कि थायराइड ग्लैंड में गड़बड़ी होने लगती है. चूंकि ब्रेड एक ऐसी चीज है जिसे लोग लगातार रोज खाते हैं. इसीलिए इस से होने वाले खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
पोटैशियम ब्रोमेट वह केमिकल है जिसके लगातार शरीर में जाने से कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है.इसी तरह पोटाशिम आयोडाइड से थायराइड से संबंधित दिक्कतें होती हैं.


